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उज्जैन का पहला रेडियो : रेडियो दस्तक हुआ लोकप्रिय
September 22, 2019 • अरुण भोपाळे
उज्जैनवासियों को मंच प्रदान करेगा रेडियो दस्तक
उज्जैन। उज्जैन का पहला रेडियो स्टेशन रेडियो दस्तक 90.8 एफ एम इसी वर्ष 26 जनवरी से शुरू हो चुका है। उज्जैन के पहले सामुदायिक रेडियो होने का गौरव हासिल किया है आपके अपने इस रेडियो दस्तक ने। यह रेडियो दस्तक 90.8 एफ एम पर सुना जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य उज्जैन एवं उज्जैन के लोगों का विकास है। इसीलिए इसका ध्येय वाक्य सुनेगा उज्जैन, बढ़ेगा उज्जैन है। रेडियो दस्तक के माध्यम से उज्जैन की प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जायेगा।
उज्जैन का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। उज्जैन को देश प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। ऐसे में उज्जैन के लोगों के मन में इच्छा थी कि उज्जैन का अपना रेडियो स्टेशन हो जिसमें उज्जैन के लोगों की मन की बात आ सके। वे अपने बारे में बात कर सके। मालवा की संस्कृति के कार्यक्रम बनाये जा सके उज्जैन की प्रतिभाओं को मंच मिल सके। रेडियो दस्तक उज्जैन के नागरिकों का ही अपना रेडियो स्टेशन है। इस स्टेशन के माध्यम से युवाओं को उज्जैन शहर में न केवल मंच मिला है बल्कि बढ़ते हुए रेडियो कल्चर के बीच जॉब का भी एक बड़ा माध्यम विकसित हुआ है। रेडियो दस्तक कई तरह की स्किल वर्कशॉप आयोजित करेगा। जिसमें महत्वपूर्ण रूप से रेडियो जॉकी, स्क्रीप्ट राईटिंग, ऑडियो एडिटिंग, रेडियो प्रोडक्शन, इवेन्ट आर्गेनाईजिंग, स्टेशन मेनेजमेंट, मार्केटिंग जैसी महत्वपूर्ण रोजगार मूलक ट्रेनिंग होगी। इससे शहर के युवा आत्मनिर्भर बनेंगे। ये रेडियो स्टेशन शहर को सफलता के नये आयाम प्रदान करेगा। इससे उज्जैन शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों को भी अनेक लाभ होंगे, क्योंकि यह मालवा संस्कृति से जुड़ा है। आपके अपने इस रेडियो में आमजन से संबंधित आमजन के द्वारा ही अनेक प्रोग्राम किये जायेंगे, जिससे आम लोगों को अपने मन की बात लोगों तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त होता है।
उज्जैन की जानी मानी संस्था श्री कृष्ण शिक्षण लोक परमार्थ समिति द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, मास कम्यूनिकेशन, जर्नलिज्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। उज्जैन की महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए श्री कृष्ण शिक्षण लोक परमार्थ समिति ने उज्जैन के पहले कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन को प्रारंभ किया। आज यह रेडियो दस्तक उज्जैन की आवाज बनता जा रहा है। नये युवा इसे अपनी आवाज दे रहे हैं, इसका मैंनेजमेंट कर रहे है। इसमें प्रोग्राम प्रोडक्शन कर रहे हैं। पिछले 60 वर्षों से शैक्षणिक पहचान बनाने वाली संस्था श्रीपाल एज्यूकेशन सोसायटी और भारतीय ज्ञानपीठ इसकी सहयोगी संस्थाएं है। प्रसिद्ध गांधीवादी एवं वरिष्ठ अभिभाषक श्री कृष्णमंगल सिंह कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में यह संस्था नए आयाम गढ़ रही है।
रेडियो दस्तक अपने प्रारंभ में कई प्रोग्राम ब्रॉडकास्ट कर रहा है साथ ही आगे भी नए नए प्रोग्राम जोड़ता रहेगा। इसके प्रमुख प्रोग्रामों में मुलाकात एक हस्ती से, आपकी आवाज, रेडियो की दस्तक आपके द्वार, महक माटी की, युवा दस्तक, हमारी धरोहर, वे फिर याद आये, अन्दाज अपना-अपना, जीवन की डोर सेहत, कैरियर दस्तक, मेरा उज्जैन, खेती-बाड़ी, मन की कलम से, बाल-चौपाल, दिव्य दस्तक, सुन-सखी, शब ए मालवा, अनुरोध गायिकी, यादगार लम्हें, यादें महत्वपूर्ण है।
रेडियो दस्तक द्वारा शुरू से सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लगातार 12 घंटे नियमित प्रसारण किया जा रहा है। कला, साहित्य और संस्कृति की त्रिवेणी को प्रस्तुत करने वाला यह रेडियो दस्तक वर्तमान में कई कार्यक्रम नियमित रूप से प्रसारित कर रहा है। रेडियो दस्तक के दिव्य दस्तक कार्यक्रम में सुबह सबसे पहले संतों की वाणी, भजन और महापुरुषों के सद्वचन प्रस्तुत किये जा रहे हैं। खेती बाड़ी कार्यक्रम के अंतर्गत मालवीय बोली में खेत-खलियान और किसानों की बातें की जा रही है। जीवन की डोर : सेहत कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों महिलाओं और पुरुषों के स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी और डॉक्टर से बातचीत प्रसारित की जा रही है। युवा उज्जैन कार्यक्रम में युवाओं के कैरियर, एज्युकेशन, रोजगार और युवा संबंधी विषयों पर बेहतरीन कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं की युवा प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान किया जा रहा है। सुन सखी कार्यक्रम के अंतर्गत अलग-अलग क्षेत्रों में आदर्श प्रस्तुत करने वाली महिलाओं के जीवन पर आधारित कार्यक्रम और महिलाओं की रूचि, पसन्द और मनोरंजन से संबंधित कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं। हमारी धरोहर कार्यक्रम में उज्जैन, प्रदेश और देश की धरोहरों पर केन्द्रित जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
रेडियो दस्तक के आज का दिन : इतिहास के झरोखे से कार्यक्रम में प्रदेश, देश और विश्व की आज के दिन की महत्वपूर्ण घटनाओं, इस दिन जन्म लेने वाले महापुरुषों और इस दिन जिनका स्वर्गवास हो गया है उनके बारे में जानकारी दी जाती है। यादगार लम्हें कार्यक्रम में फिल्म, गायन, संगीत और अभिनय आदि के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त कलाकारों पर केन्द्रित मनोरंजक एवं जानकारीमूलक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं। वे फिर याद आये कार्यक्रम के अंतर्गत उज्जैन, प्रदेश एवं देश के प्रसिद्ध महापुरुषों के जीवन और उनके कार्यों पर केन्द्रित और प्रेरक कार्यक्रम प्रसारित किये जा रहे हैं। कई हुई रियो हे कार्यक्रम में मालवी बोली में उज्जैन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों मे हो रहे विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद संबंधी कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं। सुनेगा उज्जैन-बढ़ेगा उज्जैन कार्यक्रम हमारे रेडियो की टैग लाइन से सम्बंधित कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में उज्जैन के सांस्कृतिक, शैक्षणिक, साहित्यिक, खेलकूद और विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं। यादें कार्यक्रम में उज्जैन, प्रदेश और देश की प्रमुख हस्तियों की प्रेरणास्पद कहानियों को रोचक और मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। रेडियो की दस्तक : आपके द्वार कार्यक्रम में उज्जैन और आसपास के ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर आमजन की समस्याओं और क्षेत्र के विकास कार्यों का प्रसारण किया जा रहा है। महक माटी की : इस कार्यक्रम में अपने देश व शहर के धरातल से जुड़े विषयों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा है। कैरियर दस्तक : इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को उनके कैरियर के बारें में जानकारी प्रदान की जाती है। एक हस्ती से मुलाकात : इस कार्यक्रम के माध्यम से किसी एक ऐसी हस्ती जिसने अपने देश, समाज, शहर के लिए कुछ खास किया है। उससे वार्तालाप कर उनके जीवन के पहलूओं पर नजर डाली जाती है।
उज्जैन का पहला रेडियो स्टेशन रेडियो दस्तक दिनों दिन लोकप्रिय होता जा रहा है। इस रेडियो ने जन जागरूकता अभियान भी चलाएँ हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के सम्बन्ध में मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से आपके इस रेडियो दस्तक ने अनेक जागरूकता कार्यक्रम प्रसारित किये। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली और कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन द्वारा चलाए गए विभिन्न जन जागरूकता अभियान से संबंधित कार्यक्रम भी रेडियो दस्तक ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रसारित किये हैं, जो काफी लोकप्रिय एवं उपयोगी सिद्ध हुए। इसके साथ ही सामाजिक कुप्रथाओं के रूप में हमारे क्षेत्र में हो रहे बाल विवाह को रोकने की दिशा में भी रेडियो दस्तक ने कारगार प्रयास किए हैं। सुन सखी कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह को रोकने से संबंधित अनेक जन जागरूकता कार्यक्रम और इससे संबंधित विभिन्न हस्तियों से मुलाकातें भी रेडियो दस्तक द्वारा प्रसारित की गई है, जो निश्चित रूप से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हुई। जीवन की डोर : सेहत कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो दस्तक ने मौसमी बीमारियों और उसकी रोकथाम के उपाय बताते हुए संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों के साक्षात्कार भी प्रस्तुत कर इस दिशा में जन जागरूकता बढ़ाने का विनम्र प्रयास किया है।
आपके इस रेडियो दस्तक ने हाल ही में पिछले माह 27 से 29 अगस्त 2019 को डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र, नई दिल्ली में आयोजित सातवें सामुदायिक रेडियो सम्मेलन में भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। इस सम्मेलन में देश के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस में रेडियो दस्तक के केन्द्र निदेशक संदीप कुलश्रेष्ठ ने अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए वहाँ आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी में रेडियो दस्तक का पोस्टर भी प्रदर्शित किया। पोस्टर प्रदर्शनी में आपके इस रेडियो दस्तक के पोस्टर ने काफी लोकप्रियता दर्ज की।
उज्जैन का यह पहला रेडियो स्टेशन लोकप्रियता के नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उज्जैन शहर के अतिरिक्त आसपास के कई गाँवों में भी यह रेडियो काफी पसंद किया जा रहा है। इसमें और बढ़ोत्री होने की संभावना है।