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स्वदेश और स्वभाषा प्रेम को उभारा था गांधी जी ने
September 25, 2019 • अरुण भोपाळे

उज्जैन। महात्मा गांधी ने स्वदेश और स्वभाषा के प्रति प्रेम और अभिमान को उभारने में अद्वितीय भूमिका निभाई थी। भारत को जगाने के लिए उन्होंने भारतीय भाषाओं पर गर्वित होने का भाव जगाया। वे देशी भाषा के अनादर को राष्ट्रीय अपघात मानते हैं। उन्होंने शिक्षा की मौलिक जमीन तैयार की, जो बच्चों और युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वे पाठशाला को चरित्र संगठन का स्थान मानते हैं। वे सच्चा शिक्षित उसे मानते हैं, जिसकी बुद्धि शुद्ध हो ,जो शान्त और न्यायदर्शी हो।

ये उद्गार विक्रम विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने महात्मा गांधी के 150 वें जयंती वर्ष के अवसर पर मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति एवं हिंदी भवन न्यास, भोपाल के सौजन्य से विश्वविद्यालय की हिंदी अध्ययनशाला एवं गांधी अध्ययन केंद्र द्वारा वाग्देवी भवन में प्रतिभा प्रोत्साहन प्रतियोगिता के आयोजन के अवसर पर व्यक्त किए। 

इस अवसर पर हिंदी अध्ययनशाला के डॉ जगदीश चंद्र शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी को विश्व भाषा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में महात्मा गांधी की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। देश दुनिया में उन्होंने अपनी - अपनी भाषाओं के माध्यम से शिक्षा के महत्त्व को स्थापित किया। प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न विद्यालयों के नवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विख्यात हिंदी कवि की देशप्रेम की कविता के पाठ की प्रतियोगिता में लोकमान्य तिलक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी चंद्रभूषण बारोड़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वाद विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में लोकमान्य तिलक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उज्जैन के श्री अनुराग परमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विपक्ष में इसी विद्यालय के श्री युवराज सिंह डोडिया प्रथम रहे।
एकल लोकगीत प्रतियोगिता में शासकीय शालिगराम तोमर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दौलतगंज के श्री लोकेश माल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय लोकमान्य तिलक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी श्री गौतम व्यास रहे। चित्रांकन से शब्दांकन प्रतियोगिता में श्री दर्शन शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय श्री लोकेश कुमार रहे।
विजेता विद्यार्थियों को 1 अक्टूबर को दोपहर 12 : 30 बजे हिंदी अध्ययनशाला में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतीक चिह्न, नगद राशि और प्रशस्ति पत्र अर्पित किए जाएंगे।
वाद विवाद प्रतियोगिता में जिला स्तर पर प्रथम रहे विद्यार्थी भोपाल में 12 अक्टूबर को हिंदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा प्रोत्साहन प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

कार्यक्रम में श्री मुकेश उमठ, श्रीमती भावना रत्नपारखे, श्री संदीप पांडेय, जयराम माल, सोहन मालवीय, विकास चौधरी, डॉ रचना जैन, राम सौराष्ट्रीय, रामरक्षा सिंह, शैलेन्द्र प्रताप, डॉ श्वेता पंड्या, मणि मिमरोट, जयहिंद स्वतंत्र, आदि सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी और उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री संदीप पांडे ने किया। आभार प्रदर्शन श्री मुकेश उमठ ने किया।