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अखिल भारतीय ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड महासम्मेलन १ व २ फरवरी को
January 27, 2020 • अरुण भोपाळे • Event
कर्मकांड पर भारत में पहला सम्मेलन, नए शोध पर होगी चर्चा
उज्जैन। अखिल भारतीय ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड महासम्मेलन का आयोजन १ व २ फरवरी को उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। माँ नर्मदा ज्योतिष अनुसंधान केन्द्र के तत्वावधान में यह सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें देशभर से ख्यात ज्योतिष विद्वान शामिल होंगे। नए शोधार्थियों के शोध पर भी इसमें चर्चा होगी।
सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता में ज्योतिष महासम्मेलन की आयोजक श्रीमती रेखा मेहता ने बताया कि उज्जैन में देश के अन्य बड़े शहरों से ज्योतिषियों ने आकर ज्योतिष सम्मेलन आयोजित किए। देशभर के ज्योतिषियों ने उज्जैन को इतना महत्व दिया तो उज्जैन के ज्योतिष मिलकर भी उज्जैन में अखिल भारतीय स्तर पर महासम्मेलन कर सकते हैं। इसे दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन में भी उज्जैन के ज्योतिषियों द्वारा ज्योतिष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के ज्योतिषियों को आमंत्रित किया गया है। पत्रकारवार्ता में पं. रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि इस सम्मेलन में शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले नए शोध पर भी चर्चा होगी। १ फरवरी को प्रात: ९.३० बजे दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। तत्पश्चात १०.३० बजे ग्रह उदय व अस्त पर व्याख्या, उच्च व नीच ग्रह के प्रभाव पर सत्र चलेगा। ११.३० से १२.३० बजे तक अंक शास्त्र पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। दोपहर १२.३० से २ बजे तक नाड़ी ज्योतिष पर चर्चा का समय रहेगा। दोपहर ३ से ४.३० बजे तक महिला विदुषियों के लिए विशेष सत्र रखा गया है। सायं ५ से ८ बजे तक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के दूसरे दिन २ फरवरी को प्रात: ९.३० बजे दीप प्रज्वलन होगा। द्वितीय सत्र में प्रात: १०.३० से ११.३० बजे तक वास्तु शास्त्र विशेष सत्र, पंचमहाभूत, दिशा ज्ञान व ४५ महाशक्तियों पर चर्चा होगी। तृतीय सत्र में प्रात: ११.३० से १२.३० बजे तक हस्तरेखा विशेष सत्र, सौभाग्यशाली व दुर्भाग्यशाली चिह्न पर चर्चा होगी। दोपहर १२.३० से २ बजे तक कर्मकांड व टेरो पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। पत्रकारवार्ता में ज्योतिष पर चर्चा करते हुए पं. रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि मंगल दोष दक्षिण भारत से आया है। इसे दूर करने के उपाय है। पं. सर्वेश्वर शर्मा ने कहा कि शास्त्रों को समझने के लिए भावार्थ आवश्यक है। देश, काल, परिस्थिति अनुसार सब बदलता है। ज्योतिष में योग का इलाज है। यह आध्यात्मिक विद्या है। आध्यात्मिक उपचार ही ज्योतिष के माध्यम से किए जाते हैं। पत्रकारवार्ता में पं. रामचन्द्र शर्मा, पं. योगेन्द्र महंत, श्रीमती रेखा मेहता, आनंद शर्मा, जितेन्द्र गुप्ता, अर्जुनसिंह, राहुल भारद्वाज, डॉ. विशाल शुक्ला, डिंपल शर्मा आदि ज्योतिषी उपस्थित थे।