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करवा चौथ पर महिलाएं करती हैं जिस चांद के दर्शन, जानें उस चांद में क्या है खास
October 17, 2019 • नॉलेज डेस्क

चाँद हमारी पृथ्वी का इकलौता प्राकृतिक उपग्रह है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आज से 450 करोड़ साल पहले 'थैया' नामक उल्का पृथ्वी से टकराया था जिसकी वजह से पृथ्वी का कुछ हिस्सा टूट कर अलग हो गया, जो कि चाँद बना। उस समय पृथ्वी द्रव रूप में थी। चाँद 27.3 दिनो में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करता है और पृथ्वी के समुंदरों पर आने वाले ज्वार और भाटे के लिए जिम्मेदार है। आइए चाँद के बारे में कुछ रोचक तथ्य जानते हैं –

1. अब तक सिर्फ 12 मनुष्य चाँद पर गए है। 1972 के बाद से, यानि कि पिछले 46 साल से चांद पर कोई अंतरिक्ष यात्री नहीं गया है।

2. चांद धरती के आकार का केवल 27% ही है।

3. चाँद का वजन लगभग 81,00,00,00,000(81 अरब) टन है।

4. पूरा चाँद आधे चाँद से 9 गुना ज्यादा चमकदार होता है।

5. अगर चाँद गायब हो जाए तो पृथ्वी पर दिन मात्र 6 घंटे का रह जाएगा।

6. जब अंतरिक्ष यात्री एलन सैपर्ड चाँद पर थे तब उन्होंने एक golf ball को hit मारा था जोकि तकरीबन 800 मीटर दूर तक गई।

7. अगर आप का वजन पृथ्वी पर 60 किलो है तो चाँद की low gravity की वजह से चाँद पर आपका वजन 10 किलो ही होगा। यही कारण है कि चांद पर अंतरिक्ष यात्री ज्यादा उछलकूद कर सकते हैं।

8. जब सारे अपोलो अंतरिक्ष यान चाँद से वापिस आए तब वह कुल मिलाकर 296 चट्टानों के टुकड़े लेकर आए थे जिनका द्रव्यमान (वजन) 382 किलो था।

9. Moon का सिर्फ 59% हिस्सा ही पृथ्वी से दिखता है।

 
10. चाँद पृथ्वी के इर्द-गिर्द घूमते समय अपना सिर्फ एक हिस्सा ही पृथ्वी की तरफ रखता है। इसलिए चाँद का दूसरा भाग आज तक पृथ्वी से किसी मनुष्य ने नहीं देखा। लेकिन अंतरिक्ष यानों की सहायता से चांद के दूसरे हिस्से की तस्वीरें ली जा चुकी हैं।

11. चाँद का व्यास पृथ्वी के व्यास का सिर्फ चौथा हिस्सा है और लगभग 9 चाँद पृथ्वी में समा सकते हैं।

12. क्या आपको पता है चाँद हर साल पृथ्वी से 4 सेंटीमीटर दूर खिसक रहा है। अब से 50 अरब साल बाद चाँद धरती के इर्द-गिर्द एक चक्कर 47 दिन में पूरा करेगा जो कि अब 27.3 दिनो में कर रहा है। पर ये होगा नहीं क्योंकि अब से 5 अरब साल बाद ही पृथ्वी सूर्य के साथ नष्ट हो जाएगी।

13. नील आर्मस्ट्रांग के बाद उनके साथ आए बज़ एल्ड्रिन ने चाँद पर जब अपना पहला कदम रखा था तो उससे जो निशान चाँद की जमीन पर बना, वो अब तक है, और अगले कुछ लाखों सालो तक ऐसा ही रहेगा। इसका कारण है चांद पर हवा नही है जो इसे मिटा दे।

14. नील आर्मस्ट्रांग जब पहली बार चांद पर चले थे, तो उनके पास Wright Brothers के पहले हवाई जहाज का एक टुकड़ा था।

15. आर्मस्ट्रांग चांद पर उतरने वाले पहले व्यक्ति होंगे इस बात का निर्णय मार्च 1969 की एक मीटिंग में लिया गया था। इस निर्णय में आर्मस्ट्रांग की प्रतिभा और अनुभव के साथ कुछ भूमिका इस बात की भी थी कि नासा प्रबंधन का यह मानना था कि आर्मस्ट्रांग एक विनम्र स्वभाव के व्यक्ति हैं।

16. क्या आपको पता है कि 1950 के दशक के दौरान अमेरिका ने परमाणु बम से चाँद को उड़ाने की योजना बनाई थी।

17. सौर मंडल के 181 उपग्रहो में चाँद का आकार 5 वे नंबर पर है।

18. चाँद का क्षेत्रफल अफ्रीका के क्षेत्रफल के बराबर है।

19. चाँद पर पानी भारत की खोज है। भारत से पहले भी कई वैज्ञानिको का मानना था कि चाँद पर पानी होगा परन्तु किसी ने खोजा नही।

20. अगर आप अपने इंटरनेट की स्पीड से खुश नहीं हैं तो आप चांद का रुख कर सकते है. जी हां, नासा ने world record बनाते हुए चांद पर wi-fi कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई है जिसकी 19 mbps की स्पीड बेहद हैरत अंगेज है।

21. चाँद के रौशनी वाले हिस्से का तापनान 180°C तक पहुँच जाता है जब कि अधेरे वाले भाग का -153°C तक।

22. Moon पर मनुष्य द्वारा छोडे गए 96 बैग ऐसे है, जिनमें चाँद पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों का मल,मूत्र और उल्टी है।

23. जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के मध्य में आ जाता है, तो इस स्थिती को चंद्र ग्रहण कहते हैं। इस दौरान पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिन में भी अधेरा हो जाता है।

24. अमेरिकी सरकार ने चाँद पर आदमी भेजने और ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में बराबर समय और पैसा खर्च किया : 10 साल और 100 करोड़ डॉलर।

25. ये जानकर हैरानी होगी कि आपके मोबाइल फोन में अपोलो 11 यान के चंद्रमा लैंडिग के समय यूज किये गए कंप्यूटर की तुलना में अधिक कंप्यूटिंग शक्ति है।

26. Apollo-11 यान का चंद्रमा लैंडिग के समय बनाया गया Original टेप मिट गया था यह गलती से दोबारा इस्तेमाल कर लिया था।

27. चंद्रमा गोल नही है, बल्कि यह अंडे के आकार जैसा है।

28. चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति कम होने के कारण इसका कोई वायुमंडल नहीं है। वायुमंडन ना होने की वजह से सौर वायु और उल्कापिंड के आने का खतरा लगातार बना रहता है।

29. चांद पर करीब 1,81,400 किलो का मानव निर्मित मलबा पड़ा हुआ है जिसमें 70 से अधिक अंतरिक्ष यान और दुर्घटनाग्रस्त कृत्रिम उपग्रह भी शमिल हैं।