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साळी समाज का युवक लॉकडाउन में गरीबों की भूख मिटाने आया आगे
April 19, 2020 • अरुण भोपाळे • Social


देवास। पेट की आग बड़ी खराब होती है। आज जबकि देशभर में लॉकडाउन के कारण सबने अपने घरों में स्वयं को बंदी बना लिया है। ऐसे में कई घर ऐसे भी जहाँ खाना बनाने के लिए पैसे नहीं बचे। ऐसे लोग जो प्रतिदिन काम करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं, उनके सामने लॉकडाउन के कारण भोजन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई।
ऐसे समय में साळी समाज के युवक ललित भोपाळे ने स्वयं के डेली अप-डाउनर्स संघ बैनर तले देवास में कई लोगों के घरों में भोजन का प्रबंध किया। संघ के सदस्यों के साथ मिलकर प्रशासन के सहयोग से शहर के कई घरों में प्रतिदिन सुबह-शाम लोगों को भोजन के पैकेट व राशन सामग्री वितरित की। शहर की कई कॉलोनियों इटावा, बालगढ़, बीएनपी कॉलोनी, मुखर्जी नगर, चाणक्य पूरी, कालानी बाग आदि कई कॉलोनियों में सब सदस्यों ने मिलकर भोजन का प्रबंध किया। शहर के कई समाजसेवियों ने आगे आकर संघ के सदस्यों को आर्थिक सहायता प्रदान की। प्रातः से ही सब सदस्य ललित भोपाळे के साथ मिलकर भोजन तैयार करने में जुट जाते थे। कई बार पुलिस थाने से पुलिस अधिकारियों के कहने पर उनके बताए गए स्थान पर गरीबों को भोजन पहुंचाए। शहर के जनप्रतिनिधियों ने भी इस नेक काम में ललित भोपाळे और उनकी टीम को आवश्यक सहायता प्रदान की। 
संघ के अन्य सदस्यों दीपक शाक्य, सीताराम चौधरी, सुरेंद्र मौर्य, जितेंद्र शर्मा, निशा यादव, सपना पवार, पंकज माहेश्वरी, पुलिस प्रशासन की ओर से लीला सोलंकी, अखिलेश, सीताराम चौधरी, सुरेन्द्र मौर्य आदि का पूरा सहयोग ललित को मिल रहा है। अभी भी जरूरत पड़ने पर राशन उपलब्ध करा रहे हैं। एक अन्य संगठन मित्राय ग्रुप के नयन कानूनगो, चयन कानूगो भी जरूरत पड़ने पर पूरी टीम के साथ मिलकर सहयोग कर रहे हैं। ऐसे समय में जब पूरा देश लॉकडाउन के कारण घरों में कैद हैं, ललित और उनकी पूरी टीम देवास के कई घरों में पेट की क्षुधा शांत कर रही है। यह साळी समाज के लिए गौरव की बात है।