ALL Event Social Knowledge Career Religion Sports Politics video Astrology Article
टैक्स जमा करने के लिए बस मालिक 75 दिनों से काट रहा आरटीओ के चक्कर
November 16, 2019 • अरुण भोपाळे • Event

छूट का 50 प्रतिशत रिश्वत में नहीं दिया तो 5 बार के आवेदन भी बेअसर, कलेक्टर, मुख्यमंत्री हेल्पलाईन, पीएमओ तक को शिकायत
उज्जैन। एक ओर परिवहन विभाग के अवर सचिव आरएन चैहान ने राजस्व वसूली के लिए संभागायुक्त अजीतकुमार व कलेक्टर शशांक मिश्र को पत्र जारी कर निर्देश दिये हैं, कि छुट्टी के दिनों में भी काम करे और अधिक से अधिक राजस्व वसूले। वहीं दूसरी ओर आरटीओ विभाग के पदस्थ अधिकारी रिश्वत के चक्कर में वसूली छोड़ उपरी कमाई की ओर ध्यान दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें 75 दिनों से बस मालिक टैक्स जमा करने के लिए आरटीओ के चक्कर काट रहा है लेकिन अधिकारी उसको मिलने वाली छूट में 50 प्रतिशत रिश्वत के तौर पर लेने के चक्कर में उसका टैक्स जमा नहीं कर रहे।
दरअसल आरटीओ अमले को करोड़ों रूपये राजस्व वसूलना है, अधिक से अधिक लोग अपने मोटरयान का कर जमा करें इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा कर जमा करने वालों को 20 से 70 प्रतिशत छूट दी जा रही है। म.प्र. शासन द्वारा बकाया जमा करने हेतु म.प्र. राजपत्र के माध्यम से अधिसूचना भी जारी हुई है। ऐसे में उज्जैनी हास्पिलिटी के विजयसिंह ठाकुर द्वारा यात्री बसों पर कर बकाया होने के कारण कर जमा करने हेतु 5 सितंबर 2019, 18 सितंबर, 3 अक्टूबर, 24 अक्टूबर, 15 नवंबर को आरअीओ उज्जैन को पत्र दिये लेकिन आज तक कोई कर निर्धारण नहीं हुआ। विजयसिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुशराम एवं उनके लिपिक नरेन्द्र खंडेलवाल कर में छूट का 50 प्रतिशत रिश्वत के रूप में लेना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने अब तक मोटरयान कर जमा नहीं करा जा रहा है। उनका कहना है कि हमें उपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है। कलेक्टर शशांक मिश्र को भी 3 पत्र दिये गये फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, सीएम हेल्पलाईन, पीएमओ में भी शिकायत हुई लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। विजयसिंह ने बताया कि 5 सितंबर से लगातार 75 दिन बाद भी कई चक्कर काटने पर अरविंद कुशराम एवं उनके लिपिक नरेन्द्र खंडेलवाल द्वारा यात्री बस एमपी 13 पी 1236 तथा एमएच 24 जे-7651 एवं अन्य वाहनों का कर निर्धारण नहीं किया जा रहा जिससे हम छूट प्राप्त कर म.प्र. शासन का कर टैक्स जमा कर सके। विजयसिंह ने मांग की है कि उनका टैक्स जमा करवाया जाए तथा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।